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यूपी रेरा का 45वाँ रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण सत्र लखनऊ में शुरू | संजय भूसरेड्डी

लखनऊ में यूपी रेरा का 45वाँ रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण सत्र शुरू, 43 प्रतिभागी ले रहे भाग। अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बताया प्रशिक्षण का उद्देश्य। पढ़ें पूरी खबर।
  • By Kanhwizz Times
  • Reported By: Shivam Srivastava
  • Updated: July 23, 2026

यूपी रेरा का 45वाँ रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण सत्र लखनऊ में प्रारंभ, 43 प्रतिभागी ले रहे भाग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पारदर्शी एवं उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश भू सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार को इंडियन लिटरेसी बोर्ड (आईएलबी), कानपुर रोड, लखनऊ में 45वाँ रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण सत्र प्रारंभ किया गया।

चार दिन के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रियल एस्टेट एजेंटों को रेरा से जुड़े कानूनों, आवश्यक कौशल और नैतिक मूल्यों की जानकारी दी जा रही है। इस सत्र में 43 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जो प्रमाणित एवं पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंट बनने की तैयारी कर रहे हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ यूपी रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी द्वारा किया गया। इस अवसर पर इंडियन लिटरेसी बोर्ड की निदेशिका संध्या तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। रेरा सचिव महेंद्र वर्मा ने चार दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए प्रतिभागियों से पूर्ण समर्पण के साथ भाग लेने की अपील की।

अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी का संबोधन: तीन स्तंभों पर टिकी है विश्वसनीयता

अपने संबोधन में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र की विश्वसनीयता तीन प्रमुख स्तंभों — प्रमोटर (डेवलपर), रियल एस्टेट एजेंट व रेरा — पर आधारित है। इन तीनों हितधारकों के बीच प्रभावी समन्वय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा क्षेत्र की सकारात्मक छवि गढ़ने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को सवाल-जवाब के माध्यम से अपनी शंकाएं दूर करने का अवसर देता है, साथ ही रेरा अधिनियम, अपार्टमेंट ओनरशिप अधिनियम और संपत्ति ट्रांसफर अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी भी दी जाती है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य एजेंटों की कानूनी समझ और पेशेवर क्षमता मजबूत करना है, ताकि जानकारी के अभाव में कोई प्रमोटर उनका गलत फायदा न उठा सके।

उन्होंने कहा:

"हमारा उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक भरोसेमंद, जवाबदेह और पारदर्शी रियल एस्टेट व्यवस्था विकसित करना है।"

उन्होंने यह भी बताया कि बदलते नियमों की जानकारी एजेंटों तक पहुंचाने के लिए समय-समय पर पुनश्चर्या (रिफ्रेशर) प्रशिक्षण भी आयोजित किए जाएंगे, और प्रशिक्षित एजेंटों की सुविधा के लिए एक विशेष 'एजेंट क्वेरी' ईमेल व्यवस्था भी उपलब्ध है, जिसके ज़रिए एजेंट सीधे रेरा से संपर्क कर सकेंगे।

प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख विषय

  • रेरा अधिनियम व यूपी-रेरा नियम/विनियम — प्रमुख सलाहकार अबरार अहमद
  • अनुबंध अधिनियम व संपत्ति अंतरण अधिनियम — न्याय निर्धारण अधिकारी हरीश त्रिपाठी
  • परियोजना प्रचार-विपणन व एजेंट पोर्टल — सिस्टम एनालिस्ट गणेश मिश्रा
  • स्टांप पंजीकरण संबंधी विधिक प्रावधान — एआईजी रजिस्ट्रार शांति भूषण चौबे

परीक्षा में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित

चार दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन परीक्षा आयोजित की जाएगी। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्टवॉच एवं लैपटॉप सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा में सफल होने व निर्धारित पंजीकरण शुल्क जमा करने के बाद अभ्यर्थियों को आधिकारिक पंजीकरण प्रदान किया जाएगा।

अब तक 1,700 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण

अब तक लखनऊ एवं ग्रेटर नोएडा में कुल 44 प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं, जिनमें 3,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन किया और 1,777 ने प्रशिक्षण में भाग लिया। 39वें बैच तक का परिणाम जारी हो चुका है, जिसमें कुल 1,627 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल रहे हैं। एजेंट पंजीकरण से पूर्व प्रशिक्षण एवं प्रमाणन अनिवार्य बनाना राज्य में व्यावसायिक मानकों को ऊंचा उठाने के साथ-साथ घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल है।

उद्घाटन सत्र में सहायक निदेशक अमरीश कुमार, वित्त परामर्शदाता सुधांशु त्रिपाठी, मीडिया सलाहकार डॉ. आकाश यादव उपस्थित रहे।

 

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